Saturday, August 6, 2022
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दक्षिण अफ्रीका में भारतीय नागरिकों के खिलाफ हिंसा, राष्ट्रपति ने हालात संभालने के लिए सीनियर नेताओं को भेजा

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दक्षिण अफ्रीका के कुछ प्रांतों में इन दिनों भारतीय और अश्वेत अफ्रीकी समुदाय के बीच तनाव (Ethnic Tensions Against Indians) चल रहा है. लिहाजा दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सीरिल रामफोसा ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने पुलिस मंत्री और क्वाजुलू नटाल प्रांत के प्रमुख को डरबन शहर के लिए रवाना कर दिया है. बता दें कि डरबन में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग रहते हैं. पिछले दिनों भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्री नालेडी पंडोर से बात कर वहां हालात को लेकर चिंता जताई थी.

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पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा की सात जुलाई को गिरफ्तारी के बाद हिंसा को लेकर दोनों समुदायों ने एक-दूसरे के खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट डाले थे, जिसके बाद फीनिक्स और आसपास के इलाकों में तनाव फैल गया. डरबन और आसपास के शहरों में बड़े पैमाने पर हिंसा फैल गई. इलाके में हिंसा और लूट की घटना के बाद स्थिति का आकलन करने के लिए रामफोसा इथेकविनी कुछ जगहों पर गए थे.

उन्होंने फीनिक्स और क्वाजुलू नटाल प्रांत की राजधानी पीटरमारीत्जबर्ग का दौरा नहीं किया जो सबसे अधिक प्रभावित है. क्वाजुलू नटाल प्रांत में डरबन सबसे बड़ा शहर है. रामफोसा ने पुलिस मंत्री भेकी सेले और क्वाजुलू नटाल प्रांत के प्रमुख सिहले जिकालाला से कहा कि स्थिति को संभालने के लिए उक्त इलाकों में जाएं.

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राष्ट्रपति ने कहा, ‘पुलिस मंत्री फिनिक्स जा रहे हैं. हमारे स्थानीय नेता– प्रमुख, नगर के कार्यकारी समिति के सदस्य स्थिति से निपटने के लिए जा रहे हैं.’ दक्षिण अफ्रीका में व्यापक हिंसा और दंगों को लेकर चिंतित भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को दक्षिण अफ्रीका की अपनी समकक्ष नालेदी पैंडोर से बातचीत की जिन्होंने आश्वासन दिया कि उनकी सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है. फिनिक्स और चैट्सवर्थ दो बड़े शहर हैं जिन्हें रंगभेद वाली नीति के दौरान हजारों भारतीय नागरिकों को जबरन बसाने के लिए बनाया गया था. फिनिक्स के आसपास अब अश्वेत अफ्रीकियों के कई शहर बस चुके हैं. (भाषा इनपुट के साथ)

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