Friday, August 5, 2022
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Taliban को बड़ा झटका: पंजशीर प्रांत पर कब्जे के लिए तालिबान ने भेजे 3000 लड़ाके, उठाना पड़ा बड़ा नुकसान

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काबुल: अफगानिस्तान (Afghanistan) में तालिबान (Taliban) के खिलाफ जंग अभी खत्म नहीं हुई है. पंजशीर के लड़ाके तालिबान को तगड़ी टक्कर दे रहे हैं. अफगानी सेना ने भले ही कई इलाकों में बिना लड़े हार मान ली हो, लेकिन पंजशीर पर कब्जा करना तालिबान के लिए सबसे बड़ी चुनौती है. इस बीच, पंजशीर के लड़ाकों ने बड़ी संख्या में तालिबानियों को मारने का दावा किया है. उनका कहना है कि घात लगाकर किए गए इस हमले में तालिबान का काफी नुकसान हुआ है.

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अफगानिस्तान के पंजशीर में तालिबान के खिलाफ बन रही मोर्चेबंदी को कुचलने के लिए तालिबान ने करीब 3000 अपने लड़ाकों को भेजा है. पंजशीर की तरफ जाने वाले अंद्राब वैली में तालिबान और रेजिस्टेंस फोर्स के बीच गोलबारी हुई है. ऐसा माना जा रहा है कि इस लड़ाई में तालिबान के काफी नुकसान हुआ है. अहमद मसूद की कमान वाली रेजिस्टेंस फोर्स तालिबान के कड़ा मुकाबला कर रही है.

वहीं, अफगानिस्तान के उप राष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह (Amrullah Saleh) ने भी इस हमले के संबंध में ट्वीट किया है. उन्होंने लिखा है, ‘अंदराब घाटी के एम्बुश जोन में फंसने और बड़ी मुश्किल से एक पीस में बाहर निकलने के एक दिन बाद तालिबान ने पंजशीर के प्रवेशद्वार पर फोर्स लगा दी है. हालांकि इस बीच सलांग हाइवे को विद्रोही ताकतों ने बंद कर दिया है. ये वे रास्ते हैं जिनसे उन्हें बचना चाहिए, फिर मिलते हैं’.

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जब से तालिबान ने अफगानिस्तान पर नियंत्रण किया है, तभी से पंजशीर घाटी में विद्रोही जुटना शुरू हो गए हैं. पंजशीर के नेता अहमद शाह मसूद के 32 वर्षीय बेटे अहमद शाह ने साफ कहा है कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले इलाकों को तालिबान को नहीं सौंपेंगे. बताया जा रहा है कि हमले के बाद तालिबान बौखला गया है और उसने 100 लड़ाकों को पंजशीर की तरफ भेजा है. गौरतलब है कि तालिबान के खिलाफ पिछले कुछ दिनों में प्रदर्शन भी हुए हैं. आम लोग बिना किसी खौफ के तालिबानी शासन का विरोध कर रहे हैं.

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